कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से खुला घटनाक्रम, जंगल में आरी और पेड़ पर लटकी मिली रस्सी
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
राजगढ़। जिले में नाबालिग के अपहरण और हत्या से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। 17 वर्षीय नाबालिग के लापता होने के सात दिन बाद उसका शव मलावर थाना क्षेत्र के जंगल से बरामद किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग का प्रेम प्रसंग 21 वर्षीय अनुराग उर्फ अंकित निवासी जामोन्या गणेश से चल रहा था। इसी बीच युवक की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन को जांच का आधार बनाया, जिसके बाद जंगल में पहुंचकर नाबालिग का शव बरामद किया गया।
जानकारी के अनुसार राजगढ़ कोतवाली थाने में 30 सितंबर को 17 साल की नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। परिजनों ने पुलिस को संदेही युवक के संबंध में जानकारी दी थी। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि उसी दिन मलावर थाना क्षेत्र के पगारी बंग्ला के पास युवक की बाइक ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक युवक की पहचान अनुराग उर्फ अंकित निवासी जामोन्या गणेश के रूप में हुई। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि उसका नाबालिग से प्रेम प्रसंग था। बताया गया कि वह पहले करेड़ी आकर नाबालिग को अपने साथ ले गया था। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और मामला मलावर के जंगल तक पहुंच गया। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान नाबालिग की हत्या कर दी गई।
कॉल डिटेल बनी जांच की अहम कड़ी
अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने युवक की गतिविधियों और मोबाइल फोन की जांच शुरू की। कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन खंगालने पर उसकी अंतिम लोकेशन मलावर क्षेत्र के जंगल में मिली। यही लोकेशन पुलिस के लिए जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बनी।
परिजन भी लगातार पुलिस से संदेही युवक और उसके परिजनों से पूछताछ की मांग कर रहे थे। पुलिस ने तकनीकी जांच को आगे बढ़ाते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर जंगल में तलाश शुरू की। करीब सात दिन बाद पुलिस को जंगल में नाबालिग का शव बेहद खराब हालत में मिला।
मौके की जांच के दौरान पुलिस को आरी भी मिली। इसके अलावा एक पेड़ पर रस्सी लटकी हुई मिली। इन परिस्थितियों ने पूरे घटनाक्रम को और संदिग्ध बना दिया। पुलिस अब मौके से मिले साशक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
रिश्तेदार तक भी पहुंची पुलिस की जांच
मामले की जांच के दौरान पुलिस को मृतक अनुराग के एक रिश्तेदार की भूमिका के संबंध में भी जानकारी मिली। कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने संदेही तक पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में संदेही ने पुलिस को बताया कि वह लड़की को लेकर जंगल की तरफ गया था।
उसके अनुसार वापस लौटने पर अनुराग ने उसे बताया कि उसने लड़की को मार दिया है और अब वह जा रहा है। इसके बाद कुछ दूरी पर अनुराग की बाइक ट्रक से टकरा गई और उसकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी नहीं, हर कड़ी की जांच में जुटी पुलिस
इस पूरे मामले में फिलहाल कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। पुलिस ने शुरुआत में नाबालिग के अपहरण के मामले और युवक की सड़क दुर्घटना के मर्ग को आधार बनाकर जांच शुरू की थी। कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ने के बाद अब मामला हत्या के संदेह तक पहुंच गया है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका, मोबाइल रिकॉर्ड, लोकेशन और मौके से मिले साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। नाबालिग की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही, इसका खुलासा पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।

