खाद की किल्लत, सोयाबीन मुआवजा और नलजल योजना की कथित गड़बड़ियों पर गरजे किसान; अटारी खेजड़ा में विशाल धरना-प्रदर्शन
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
ग्यारसपुर/अटारी खेजड़ा। अघोषित बिजली कटौती, खाद की समस्या, सोयाबीन फसल के नुकसान का मुआवजा एवं बीमा राशि नहीं मिलने और नलजल योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर किसानों का आक्रोश अब सड़क पर उतरने लगा है। रविवार को किसान कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष महेंद्र सिंह किरार के नेतृत्व में अटारी खेजड़ा क्षेत्र में विशाल धरना-प्रदर्शन कर किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विनीत दांगी की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभागों से तत्काल समाधान की मांग की। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि बिजली कटौती बंद कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और अन्य समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो किसान कांग्रेस ग्रामीणों के साथ चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगी।
खेती का समय, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति से किसान परेशान
प्रदर्शन के दौरान अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। किसान कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना था कि अटारी खेजड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से बिजली की अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को पलेवा और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली की आवश्यकता है, लेकिन समय पर बिजली नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने बिजली विभाग से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

खाद की उपलब्धता और फसल बीमा भुगतान पर भी उठाए सवाल
किसानों ने खाद की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खेती के समय आवश्यक उर्वरक आसानी से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े। वहीं, सोयाबीन की खराब फसल से हुए नुकसान का सर्वे कराकर पात्र किसानों को मुआवजा और फसल बीमा की राशि दिलाने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खेती में नुकसान झेल रहे किसानों को समय पर राहत नहीं मिलने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से फसल नुकसान के मामलों की समीक्षा कर पात्र किसानों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
नलजल योजना पर सवाल, जांच और कार्रवाई की मांग
ग्राम दहलवाड़ा में नलजल योजना का मुद्दा भी प्रदर्शन के केंद्र में रहा। ग्रामीणों ने योजना में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की मांग की। उनका कहना है कि योजना पर काम होने के बावजूद पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
समस्याएं नहीं सुलझीं तो आंदोलन होगा तेज
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनीत दांगी ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली कटौती, खाद की परेशानी और फसल मुआवजा एवं बीमा राशि का भुगतान नहीं होने जैसे मुद्दों पर संबंधित विभागों को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष महेंद्र सिंह किरार ने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। किसानों को खाद और फसल नुकसान की राहत से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दहलवाड़ा की नलजल योजना में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ और बिजली की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो किसान कांग्रेस किसानों एवं ग्रामीणों के साथ चक्काजाम कर आंदोलन को व्यापक रूप देगी।
धरना-प्रदर्शन में नीलम रघुवंशी, बबलू रघुवंशी, अरुण शर्मा, जुझार सिंह रघुवंशी, संतोष गुर्जर, वीरू मीणा, लीलाधर कुशवाह, आकाश मीणा, अशोक, रामसिंह, नौबत लोधी, सुरेंद्र लोधी, शैतान सिंह, रामकृष्ण सहित किसान कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

