रात की पड़ताल में चौराहों से पुलिस गायब शहर की चौकियां मिली बंद
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। शहर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था कितनी मुस्तैद है, इसकी पड़ताल करने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया गया। पड़ताल में कई जगह पुलिस जवान नजर आए, लेकिन शहर के कई अहम चौराहों पर रात के समय पुलिस की मौजूदगी दिखाई नहीं दी।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीतल मील और दुर्गा नगर चौराहे पर पुलिस जवान तैनात मिले। वहीं अहमदपुर चौराहा, रामद्वारा सहित कई प्रमुख स्थानों पर रात के दौरान पुलिस की प्रत्यक्ष मौजूदगी नजर नहीं आई।

इधर कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़े बाजार तिराहे पर Dial-112 वाहन और पुलिस आरक्षक मौजूद मिले। लेकिन इसके बाद शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का दृश्य अलग नजर आया।
नीमताल चौराहा, बस स्टैंड, गुलाब वाटिका, विवेकानंद चौराहा, आरा मशीन चौराहा, बजरिया चौकी, विदिशा रेलवे स्टेशन के बाहर, कांच मंदिर-माधवगंज और खरी फाटक रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर पड़ताल के दौरान एक भी पुलिस जवान मौके पर नजर नहीं आया।
खास बात यह रही कि कुछ स्थानों पर जहां पुलिस की मौजूदगी अपेक्षित मानी जाती है, वहीं ज्वेलर्स की दुकानों के आसपास निजी सुरक्षा गार्ड पहरा देते दिखाई दिए। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि रात के समय शहर की सुरक्षा व्यवस्था आखिर किस भरोसे चल रही है?
शहर में लगातार आवाजाही और बाजारों में देर रात तक गतिविधियां बनी रहती हैं। ऐसे में प्रमुख चौराहों पर पुलिस की नियमित गश्त और प्रभावी मौजूदगी अपराध की रोकथाम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रात 2 और 3 बजे के बीच की इस पड़ताल ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और चौराहा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
अब सवाल यह है कि जिन चौराहों पर रात में पुलिस नजर नहीं आई, वहां नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

