
विदिशा शहर में 51 से ज्यादा अवैध कॉलोनिया ,नहर की जमीन पर नहीं रुक रहा अतिक्रमण
सुविधाओं के झूठे वादों में फंस रहे खरीदार, खून-पसीने की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदने वालों की बढ़ रही परेशानी
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। अवैध कालोनियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया हैं। शहर में 50 से अवैध कालोनियों ने जिनमें से 16 कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करा दी है। इतना ही नहीं करीब 30 कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। डाबर, तमोरिया, मिजार्पुर, जीवाजीपुर, चिड़ौरिया और गुरारिया हवेली क्षेत्र में यह कार्यवाहियां की गई हैं। प्रशासन द्वारा वैध कॉलोनाइजरों को भी हिदायत दी गई है कि वह अपनी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। एसडीएम मनीष जैन का कहना है कि नियमों का पालन न करने वाले कॉलोनाइजरों के बंधक प्लाटों को बेंचकर रहवासियों को सुविधाएं दी जाएंगी। शहर में नियमों को दरकिनार कर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 16 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जबकि करीब 25 अन्य कॉलोनियों में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। नगर पालिका ने शहर में कुल 51 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की हैं। इनमें से 22 कॉलोनियों में पहले ही प्लॉट की बिक्री की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जा चुकी है। एसडीएम मनीष जैन के अनुसार, शहर में 50 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं। इनमें बिना जरूरी अनुमति और निर्धारित नियमों के विपरीत कॉलोनियां विकसित किए जाने की शिकायतें और तथ्य सामने आए हैं। जांच के बाद संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए जा रहे हैं। जिन धाराओं में मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उनमें सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में 16 अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में प्रकरण दर्ज कराए गए हैं। करीब 25 अन्य अवैध कॉलोनियों के संचालकों के खिलाफ भी जल्द एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
22 कॉलोनियों में प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक
शहर में प्रशासन ने पिछले साल 15 और इस वर्ष सात अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की बिक्री की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। इस तरह कुल 22 कॉलोनियों में प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जा चुकी है। इसका उद्देश्य जांच पूरी होने तक नए खरीदारों को विवादित या अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से रोकना है। प्रशासन की कार्रवाई में यह भी सामने आया कि कई कॉलोनियों में विकास कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं। जनसुनवाई में भी अवैध कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
रजिस्ट्री पर प्रतिबंध, बाबजूद हुई रजिस्ट्री
जिले के मुखिया ने भले ही अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी हो लेकिन कई ऐसे मामले हैं जहां अवैध कॉलोनी घोषित होने के बाद भी रजिस्ट्री की गई है। विदिशा मुख्यालय पर कितनी अवैध कॉलोनीयों की भरमार है जिन पर रोक लगना मुश्किल है हालात यहां तक है कि एक बीधा का नामांकन कराकर 10 – 10 बीघा में कॉलोनी विकसित की गई जा रही है और शहर में अधिकांश ऐसी कालोनियां है जो नालों पर बनी हुई है इसके अलावा कई कॉलोनी में प्रारंभिक जल स्रोत हुआ करते थे उन्हें भी बर्बाद कर दिया गया है। शहर में ग्रीनलैंड की जमीन पर कॉलोनी विकसित हो गई जिन्हें पूर्व में प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई करते हुए रोड़ और वने मकानों को जमीदोज कर डाला था लेकिन उसे जगह आज बड़ी-बड़ी भवन खड़े हो गई है नगर में जमीन की अदला बदली का गोरख धंधा भी वर्षों से चल रहा है इसमें सरकारी जमीन जो कीमती रहती है और उसके बदले में खराब जमीन को बदल दिया जाता है यदि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से जांच कर ले तो चौकाने वाले परिणाम सामने आएंगे।

इन कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
एसडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम डाबर में अवैध कॉलोनी बनाने के मामले में अनुराधा पत्नी रामसिंह और राजनारायण पुत्र कामता प्रसाद के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया है। ग्राम तमोरिया में संदीप तारण, सुमित जैन, नरेश जैन, भगवान सिंह, सुनील कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद और महेंद्र किरार पुत्र जयगोविंद किरार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसी तरह संतोष दांगी पुत्र मोहन सिंह दांगी, मिजार्पुर में संदीप जैन पुत्र नरेश जैन, जीवाजीपुर में संदीप पुत्र काशीराम, चिड़ोरिया में कल्ले हरिजन पुत्र कल्ले मुंजप्पा, गुरारिया हवेली में निरंजन किरार पुत्र गणपत सिंह किरार, पर्वतसिंह पिता दीवानसिंह जादौन और मोहनबाई पत्नी नर्ददासाद किरार के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कराया गया है। इसके अलावा संतोष पुत्र पर्वत सिंह किरार, ताराचंद पुत्र हल्कूराम, चिड़ोरिया में जुनेदउद्दीन पुत्र जलालुद्दीन, तमोरिया में भगवत सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह, चिड़ोरिया में जमालुद्दीन पुत्र निसारुद्दीन, शंकर सिंह पुत्र गोपाल सिंह और सुनपुरा में दिनेश पुत्र लालाराम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पुलिस थानों में मामले दर्ज कराए गए हैं।
कॉलोनाइजरों द्वारा सड़क, नाली, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर लोगों को प्लॉट बेच दिए जाते हैं। लेकिन प्लॉट खरीदने के बाद कई मामलों में खरीदारों को वास्तविक स्थिति का पता चलता है। सुविधाएं नहीं मिलने, रास्ते और नाली जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
