
संगम अभियान के तहत 50 कार्यक्रम, 30 हजार लोगों तक पहुंचा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का संदेश
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। वृद्धावस्था जीवन का अंत नहीं, बल्कि अनुभव, परिपक्वता और समाज को दिशा देने का समय है। उम्र का बढ़ना हमारे लिए शुभ संकेत है। बुजुर्गों के पास जीवनभर के अनुभव और संस्कारों की पूंजी होती है, इसलिए समाज को उनसे सीखने और उन्हें सम्मान देने की आवश्यकता है। यह बात ब्रह्माकुमारी रेखा ने कहीं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नगर सेवा केंद्र द्वारा संगम-गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत जिले में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेखा दीदी ने कहा कि वृद्धावस्था बोझ नहीं, बल्कि अनुभवों से भरा गौरवपूर्ण समय है। सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक शक्ति और सेवा भावना के साथ इस अवस्था को नई ऊर्जा के साथ जिया जा सकता है। ब्रह्माकुमारी रुक्मणी ने कहा कि आज अनेक बुजुर्ग अपने ही परिवार में उपेक्षा और अकेलेपन का सामना कर रहे हैं। वृद्धाश्रमों में बढ़ती संख्या समाज के लिए चिंता का विषय है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने भी अभियान को प्रोत्साहित करते हुए जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने में सहयोग किया।
अभियान के तहत विदिशा, गंजबासौदा, गुलाबगंज, नटेरन, लटेरी, शमशाबाद, देव खजूरी, जिला जेल सहित स्कूल-कॉलेज, वृद्धाश्रम, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक स्थानों पर करीब 50 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 30 हजार लोगों तक वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का संदेश पहुंचाया गया।
