चार वर्षीय बच्ची की हत्या का चंद घंटों में खुलासा गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने शुरू की तलाश, घर के पीछे गड्ढे से बरामद हुआ मासूम का शव
गुडडू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। मासूम महज चार साल की। जिस उम्र में बच्चे दुनिया को समझना शुरू करते हैं, उस उम्र में उसे दुनिया से ही छीन लिया गया। एक ऐसी खबर जिसने रिश्तों की हर मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है। जिस पिता से पिता की उंगली पकड़कर चलना था, और बेटी को सबसे ज्यादा सुरक्षा की उम्मीद थी। पुलिस के मुताबिक वही उसकी मौत की वजह बन गया। ग्राम सुनारी में चार साल की बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि पिता और उसकी बहू के बीच कथित अवैध संबंध थे। मासूम ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। आरोप है कि दोनों को डर था कि बच्ची यह बात परिवार या दूसरे लोगों को बता देगी। इसी डर में एक मासूम की जिंदगी खत्म कर दी गई। पुलिस के मुताबिक 40 वर्षीय पिता और उसकी 18 वर्षीय बहू के बीच कथित अवैध संबंध थे। बच्ची ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। पुलिस का दावा है कि इसके बाद राज खुलने के डर से दोनों ने मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इतना ही नही अज्ञात के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने संबंधी रिपोर्ट गुमशुदगी की दर्ज कराई थी। पुलिस ने बताया कि गंजबासौदा शहर में चार वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव छिपाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में प्रकरण का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला इस प्रकार हैं 29 सितंबर को फरियादी लल्ला आदिवासी पिता शोभाराम आदिवासी उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम सुनारी द्वारा मंगलवार देर शाम अचानक चार साल की बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी द्वारा बच्ची की शीघ्र दस्तयाबी के निर्देश दिए गए। निदेर्शों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी एवं अनुविभागीय अधिकारी गंजबासौदा शिखा भलावी के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारियों एवं पुलिस बल की टीमें गठित कर तत्काल तलाश शुरू की गई।
उर्मिला आदिवासी ने बच्ची का गला दबाकर की हत्या
गुमशुदर्गी कर रिर्पोट पर पुलिस टीमों द्वारा बच्ची की तलाश एवं घटना से संबंधित तथ्यों की बारीकी से जांच की गई। तलाश के दौरान बच्ची घर के पीछे बने लेट्रिंग के गड्ढे के पास मृत अवस्था में मिली। प्रकरण में भौतिक साक्ष्यों एवं संदेहियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लल्ला आदिवासी एवं उर्मिला आदिवासी से पूछताछ की। पहले तो छुपाते रहे कड़ाई से पूछताछ में सामने आया कि उर्मिला आदिवासी द्वारा बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई तथा उसके बाद बच्ची के शव को घर के पीछे बने लेट्रिंग के गड्ढे में छिपा दिया गया। पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए धारा 103(1), 238(क), 3(5) बीएनएस की वृद्धि की गई। बच्ची के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया तथा शव परिजनों को सौंपा गया। दोनों आरोपी लल्ला आदिवासी उम्र 40 वर्ष, तथा उर्मिला आदिवासी उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम सुनारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया हैं।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गंजबासौदा शिखा भलावी, रोशनी सिंह, थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर निरीक्षक संजय वेदिया, थाना प्रभारी देहात बासौदा उनि जय कुमार सिंह, थाना प्रभारी मुरवास उनि लक्ष्मण डाबर, थाना प्रभारी गुलाबगंज निरीक्षक सुरेश सोलंकी, थाना प्रभारी त्योंदा उनि गौरव रघुवंशी, थाना प्रभारी हैदरगढ़ उनि रघुराज सिंह, थाना प्रभारी पथरिया उनि रोहित कौरव, उनि राधेश्याम यादव सहित गंजबासौदा शहर, देहात बासौदा, मुरवास, हैदरगढ़ एवं अन्य थानों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

