माधवगंज से लुहांगी पहाड़ी तक निकली भव्य चुनरी यात्रा, जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। मां अन्नपूर्णा के प्रति अटूट आस्था और भक्ति के बीच विदिशा में भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। माधवगंज चौराहा स्थित कांच मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा में 521 मीटर लंबी चुनरी लेकर श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा के दरबार लुहांगी पहाड़ी पहुंचे। यहां विधि-विधान से मां को चुनरी अर्पित की गई। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
चुनरी यात्रा कांच मंदिर से प्रारंभ होकर हॉस्पिटल रोड, नीमताल, बांसकुली, बड़ा बाजार और तिलक चौक सहित मुख्य मार्गों से होते हुए लुहांगी पहाड़ी पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजक रामपाल सिंह राजपूत ने बताया कि मां को 1712 फीट लंबी चुनरी अर्पित करने का उद्देश्य यह कामना करना है कि देश के प्रत्येक मनुष्य के तन पर सुंदर वस्त्र सुशोभित रहें और सभी के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।
कार्यक्रम अध्यक्ष कमलेश सूर्यवंशी ने कहा कि उनका संकल्प लुहांगी पहाड़ी को सलकनपुर और मैहर स्थित माता के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की तरह विशिष्ट पहचान दिलाना है। हजारों माता-बहनों को पहली बार लुहांगी पहाड़ी पर ले जाकर मां अन्नपूर्णा के दर्शन कराए गए।
जनप्रतिनिधियों सहित गणमान्य नागरिक हुए शामिल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक मुकेश टंडन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्याम सुंदर शर्मा, विशेष अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रायसेन जमुना सेन, पूर्व वित्त मंत्री राघवजी भाई, निगम उपाध्यक्ष राम मोहन बघेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति शाह, दिनेश कुशवाहा, छत्रपाल शर्मा, तीरथ प्रताप सिंह दरबार, नीरज पाल, सनातन हिंदू सब समिति के अध्यक्ष रामराज दांगी केके गुप्ता, राजेश राय, राजकुमार राय, बल्लू महाराज, पप्पू सरदार, निर्मल कौर, डॉक्टर मिथिलेश दांगी, विजय दीक्षित, भरत रागी, रश्मि सिरभैया, बर्षा राजपूत, नीतू भदोरिया, प्रियंका कमलेश सूर्यवंशी और अनीता देवेंद्र सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
मां अन्नपूर्णा को चुनरी अर्पित कर श्रद्धालुओं ने जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ लुहांगी पहाड़ी को प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में पहचान दिलाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा दी।

