सरपंच समेत तीन गिरफ्तार, तीन थानों की संयुक्त कार्रवाई में खुलासा; नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने की आशंका, आयकर विभाग को दी सूचना
, गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
मंदसौर। बिना नंबर की स्कॉर्पियो-एन, गाड़ी की बॉडी में बने गुप्त खाने और उनमें छिपाकर रखी गई 1 करोड़ 29 लाख रुपए की नकदी। मंदसौर जिले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आए इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, किसकी है और इसे कहां पहुंचाया जाना था, फिलहाल इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस को नकदी के नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने की आशंका है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मामले में बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानी शंकर मीणा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के दो निवासी भी शामिल हैं।
कार्रवाई शामगढ़ थाना पुलिस को मिली एक सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानी शंकर मीणा के घर दो संदिग्ध व्यक्ति पहुंचे हैं और उनकी स्कॉर्पियो में अवैध नकदी रखी हुई है। सूचना मिलते ही शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों की संयुक्त टीम सक्रिय हुई और सरपंच के घर की घेराबंदी कर तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने इनकी पहचान भवानी शंकर मीणा (49), मोहम्मद इस्लाम पठान (47) और सूर्य प्रकाश गंगवार (59) के रूप में की। मोहम्मद इस्लाम पठान और सूर्य प्रकाश गंगवार उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में दोनों मध्य प्रदेश आने की वजह स्पष्ट नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस स्कॉर्पियो-एन को जब्त कर शामगढ़ थाने ले आई।
मैकेनिक ने खोले गाड़ी के राज, गुप्त खानों से निकली नकदी
वाहन की बारीकी से जांच के लिए मैकेनिक को बुलाया गया। गाड़ी की बॉडी के कुछ हिस्सों को खोलकर जांच की गई तो अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने सामने आए। इन खानों में नोटों की गड्डियां छिपाकर रखी गई थीं। तलाशी में कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपए बरामद हुए। नकदी को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना आसान नहीं था।
तीन थानों की टीम ने की कार्रवाई
पूरे मामले में शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची टीम ने संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद वाहन को थाने लाकर उसकी विस्तृत जांच कराई। गुप्त खानों से नकदी मिलने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई और पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
तस्करी के नेटवर्क की आशंका, लेकिन पुष्टि बाकी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम का वास्तविक स्रोत क्या है, इसका मालिक कौन है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के बीच क्या संबंध हैं और नकदी के परिवहन में उनकी अलग-अलग भूमिका क्या रही। पुलिस को रकम का संबंध नशीले पदार्थों की तस्करी से होने की आशंका है, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आयकर विभाग को सूचना, आगे की जांच जारी
इतनी बड़ी नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी है। अब नकदी के स्रोत और संभावित लेन-देन की जांच के साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई में बरामद 1.29 करोड़ रुपए और वाहन में बनाए गए गुप्त खाने इस मामले के सबसे अहम पहलू हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ नकदी के स्रोत, उसके गंतव्य और संभावित नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।

