खेत में लकड़ी डालने को लेकर हुआ था विवाद, मारपीट में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। नटेरन थाना क्षेत्र में खेत में लकड़ी डाले जाने को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट के मामले में पुलिस ने करीब तीन माह से फरार चल रही दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से अभिरक्षा में लेने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल विदिशा भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को ग्राम ढाढौन निवासी मान सिंह मीना ने खेत में डली लकड़ी को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट की शिकायत नटेरन थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत पर अपराध क्रमांक 162/26 के तहत बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) एवं 3(5) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
इसी दौरान मारपीट में घायल काशीराम मीना की 30 जुलाई को उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या से संबंधित धाराओं 109(1) एवं 103 बीएनएस का इजाफा किया। मामले में गोपाल मीना, शिवराज मीना और मनोहर मीना को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। तीनों आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल बासौदा में निरुद्ध हैं।
साइबर सेल की मदद से भोपाल से पकड़ा
मामले में आरोपी आराम बाई मीना और बैजंती बाई उर्फ बैजा मीना घटना के बाद से फरार चल रही थीं। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नटेरन पुलिस की टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और एसडीओपी गंजबासौदा शिखा भलावी के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने दोनों महिला आरोपियों को भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से अभिरक्षा में लेकर गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल विदिशा भेज दिया गया।
गिरफ्तार दोनों महिला आरोपी ग्राम ढाढौन, जिला विदिशा की निवासी हैं।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी नटेरन निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक गुरूदत्त शर्मा, प्रधान आरक्षक नरसिंह यादव, प्रधान आरक्षक रोहित रैकवार, आरक्षक धर्मेन्द्र अहिरवार, आरक्षक फूल सिंह शाक्य, आरक्षक यशपाल निगम एवं महिला आरक्षक रागनी कुर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

