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ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर झूमे छात्र-शिक्षक, पारंपरिक वरेधी नृत्य ने मोहा शहरवासियों का मन
विदिशा। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति गीतों के बीच वात्सल्य विद्यालय में आयोजित गणपति उत्सव का भव्य चल समारोह मंगलवार को डोल ग्यारस के अवसर पर निकाला गया। भगवान गणपति की विदाई के लिए निकले इस समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। शहर के जिस मार्ग से चल समारोह गुजरा, वहां श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों ने आरती कर भगवान गणपति का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया।

चल समारोह का प्रमुख आकर्षण पारंपरिक वरेधी नृत्य रहा। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे नर्तकों की लयबद्ध प्रस्तुति ने राहगीरों और उपस्थित जनसमूह का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक नृत्य के साथ ढोल-नगाड़ों और बैंड की सुमधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
भक्ति गीतों से गूंजता रहा शहर
समारोह में शामिल विद्यालय के विशेष म्यूजिक ट्रॉला पर लगाए गए साउंड सिस्टम से गणपति भक्ति गीतों के साथ देशभक्ति धुनें गूंजती रहीं। बैंड दल की जोशीली प्रस्तुतियों पर छात्र-छात्राएं और शिक्षक अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते रहे। गणपति बप्पा के जयकारों के बीच निकला यह चल समारोह शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
हरिपुरा से जानकी कुंड तक निकला चल समारोह
वात्सल्य विद्यालय से निकला चल समारोह हरिपुरा से प्रारंभ होकर रामद्वारा, ओवरब्रिज, नीमताल चौराहा, स्टेशन रोड, माधवगंज, तिलक चौक, डंडापुरा और स्वामी विवेकानंद चौराहा होते हुए जानकी कुंड पहुंचा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी नागरिकों ने भगवान गणपति की आरती कर चल समारोह का स्वागत किया।

गणपति उत्सव के सफल आयोजन के लिए विद्यालय की संचालक देवना अरोरा, नम्रता अरोरा, प्रतीक कोहली, रुचिरा अरोरा एवं प्राचार्य संजय शर्मा ने छात्र-छात्राओं, पालकगण, शिक्षकों, पत्रकारों, मीडिया फोटोग्राफरों तथा पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए सभी को बधाई दी।

