5.50 किलो गांजा के साथ पकड़े गए दोनों आरोपी भी बंटी नगर क्षेत्र के निवासी, मादक पदार्थों के नेटवर्क की जांच जरूरी
विदिशा। शहर में मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इन कार्रवाइयों में सामने आ रहे आरोपियों के पते को लेकर अब क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। रविवार को बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के पास 5 किलो 50 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बंटी नगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों से गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन समेत 1 लाख 65 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के पास घेराबंदी कर अविनाश अहिरवार (30) और बृजेंद्र उर्फ विराट सिंह राजपूत (32) को पकड़ा गया। दोनों के पते बंटी नगर क्षेत्र के बताए गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 किलो 50 ग्राम गांजा बरामद किया।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती
मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी मात्रा में गांजा आरोपियों तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। क्या आरोपी स्वयं गांजा लेकर आए थे या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं? इसकी जानकारी पुलिस की विवेचना के बाद ही सामने आएगी।
मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ऐसे में पुलिस की आगामी जांच में गांजे के स्रोत, सप्लायर, खरीदार और संभावित नेटवर्क की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
बंटी नगर के नाम की लगातार चर्चा क्यों?
मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में यदि किसी एक क्षेत्र के आरोपियों के नाम बार-बार सामने आते हैं तो यह पुलिस और प्रशासन के लिए जांच का विषय बन सकता है। हालांकि वर्तमान मामले के आधार पर पूरे बंटी नगर क्षेत्र को मादक पदार्थों की तस्करी का अड्डा कहना उचित नहीं होगा। क्षेत्र के सभी लोगों को किसी अपराध से जोड़ना भी न्यायसंगत नहीं है।
लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल जरूर उठता है कि क्या बंटी नगर और आसपास के क्षेत्रों में मादक पदार्थों की सप्लाई को लेकर कोई सक्रिय नेटवर्क है? यदि ऐसा कोई नेटवर्क है तो उसकी जड़ तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
युवाओं तक पहुंच रही नशे की खेप?
शहर में नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच मादक पदार्थों की बरामदगी यह सवाल भी खड़ा करती है कि नशे की खेप शहर में किन रास्तों से पहुंच रही है और इसके संभावित ग्राहक कौन हैं। पुलिस के सामने सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ सप्लाई चैन को तोड़ने की चुनौती भी है।
फिलहाल कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

