सिकल सेल व क्षय उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने दिए निर्देश
जागरूकता अभियान से युवाओं को जोड़ने और मरीजों की दवा सेवन की निगरानी पर जोर
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल रोग की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए बच्चों की स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर जांच कार्य को गति देने की बात कही। राज्यपाल बुधवार को लोकभवन में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन 2047 एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन के प्रयासों में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाना चाहिए। सांसदों एवं विधायकों से संपर्क कर उनके क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन तथा आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए वित्तीय सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया जाए।
जागरूकता अभियान में युवाओं को जोड़ने के निर्देश
राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण घटक है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों के बीच पहुंचकर उन्हें अभियान से जोड़ने तथा सिकल मित्र बनने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की सहभागिता से जागरूकता प्रयासों को व्यापक स्तर पर गति मिल सकती है।
उन्होंने क्षय रोग के उपचार को लेकर कहा कि नियमित रूप से औषधि का सेवन करने पर रोगी छह माह में पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसके लिए मरीजों द्वारा दवाओं के नियमित सेवन की निगरानी आवश्यक है। बैठक में राज्यपाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया।
प्रदेश में 1.34 करोड़ लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में अब तक एक करोड़ 34 लाख लोगों की सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 92 प्रतिशत लोगों को जेनेटिक कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। सिकल मित्र पहल के अंतर्गत 4,825 मित्र बनाए गए हैं। इनकी संख्या बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में टीबी रोग से मुक्त होने वाले मरीजों की दर 89 प्रतिशत हो गई है। मृत्यु दर में भी कमी आई है।
30 हजार से अधिक मरीजों को घर पहुंचाकर दवा वितरण
आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विभाग द्वारा 30 हजार से अधिक सिकल सेल रोगियों को घर-घर जाकर दवाओं का वितरण किया जा रहा है। सिकल सेल प्रभावित व्यक्तियों से संपर्क भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि सिकल मित्र बनाने के लिए महाविद्यालयों के छात्रों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों को प्रेरित करने के विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसकी शुरुआत सिकल सेल प्रभावित जिलों बड़वानी, धार एवं अनूपपुर से की जाएगी।
बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ मीनाक्षी सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनजातीय विकास योजनाओं की भी समीक्षा
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बैठक के उपरांत जनजातीय कार्य विभाग के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पीएम जनमन योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके विकास एवं कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। योजनाओं की गुणवत्ता उत्कृष्ट हो तथा अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की नियमित निगरानी करें।
राज्यपाल ने पीएम जनमन योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में हितग्राहीमूलक योजनाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी दी गई। योजना के अंतर्गत 9 विभागों की 11 अधोसंरचनात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली गई।
इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ मीनाक्षी सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

