विदिशा। हाईवे का 17 किलोमीटर का बाईपास जहां अवैध कॉलोनी या उससे लगे आसपास के गांव में ऐसे कॉलोनी कट रही हैं जैसे कोई नियम और कानून इन पर लागू न होता हो कई जगह पर ड्रा सिस्टम के माध्यम से करूं या काटी जा रही है। हालांकि नगर पालिका ने 51 कॉलोनी को चिन्हित कर फिर करने की बात कही थी लेकिन आज तक कितनों पर एफआईआर हुई या नही यह समस्या वनी है। समय समय पर एसडीएम और तहसीलदार कार्रवाई करने का आश्वासन देते हैं इन सब के बावजूद भी अवैध कॉलोनियों का मकड़जाल दिन प्रतिदिन बढ़Þता दिखाई दे रहा है जिस पर रोक लगाना शासन प्रशासन की बस की बात नहीं है जहां नजर दौड़ाएं वहां प्लाट बेचने के बोर्ड लिखे दिखाई दें रहे हैं।
भोपाल से सागर की और जाने वाले हाईवे पर कमापार मंदिर से लेकर मिजार्पुर 17 किलोमीटर के दायरे में रोड की दोनों ओर लगभग 30 से 35 कॉलोनिया आकर ले रही हैं इनमें कुछ कालोनियां ऐसी बनी है जिनमें कोई सुविधा नहीं है और समय-समय पर वहां के निवासी प्रशासन को शिकायत करते रहते हैं लेकिन इन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही वहीं ऊंचे सपने दिखाकर कालोनाईजर अपने वादे से मुकर जाते हैं और बाद में वहां के निवासी परेशान होता फिरता रहता है सबसे मजेदार बात यह की इन कॉलोनीयों को प्रशासन भी पूर्ण रूप से चिन्हित नहीं कर पाया विदिशा की सीमा से लगे सोठिया और धनौरा+ Ñ के क्षेत्र तक कॉलोनिया
कट रही है इन पर अंकुश लगाना प्रशासन के बस की बात नहीं है।
एक बीघा का करो नामांतरण 10 बीघा में काटो कॉलोनी
शहर में एक और खेल कॉलेज द्वारा जमकर खेला जा रहा है यहां पर अधिकांश खेतों में एक या दो बीघा में नामांकन कराया जाता है और उसी की आड़ में 10 से 15 बीघा में कॉलोनी तथा फार्म हाउस कार्ड दिए जाते हैं ना तो उनके पास टीएसपी की मंजूर रहती ना कलेक्ट्रेट कार्यालय से कोई परमिशन और तो और नगर पालिका द्वारा भी स्वीकृति नहीं की जाती सस्ते प्लांट के सपना और सर्व सुविधा युक्त फोल्डर दिखाकर लोगों को ठगने का काम विदिशा में वर्षों से चल रहा है इसकी आड़ में फल फूल रहे हैं कॉलोनी के गेट लाजवाब और सुंदर बनाए जाते हैं कि उपभोक्ता उनके झमेले में आकर प्लाट ले लेता है और बाद में पता पड़ता है की सुविधाओं के नाम पर ना तो उनके पास कोई परमिशन है और ना ही किसी प्रकार की व्यवस्थाएं।
ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं कॉल नहीं यार
शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी अवैध कॉलोनीयों की भरमार है नगर पालिका के पास जो आॅथेंटिक सूची है वह शहर की है जबकि इससे ज्यादा कालोनियां ग्रामीण क्षेत्र में कट रही है बाईपास के उसे और जितनी भी कॉलोनी है सभी ग्रामीण क्षेत्र में है जिन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई वहीं बंटी नगर से आगे और जत्रपुर से आगे भी कई कॉलोनी ने आकर ले लिए हैं इधर ढोकली से आगे जमवाल बागड़ी तक भी कई अवैध कॉलोनी बनकर तैयार खड़ी है
