केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी से की मांग
विदिशा। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के विजय मंदिर (बीजामंडल) को आगामी नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के पूजन-अर्चन के लिए खोले जाने की मांग उठी है। इस संबंध में विदिशा विधायक मुकेश टंडन ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को मांग पत्र सौंपा है।
मांग पत्र में विधायक टंडन ने कहा कि विजय मंदिर (बीजामंडल) विदिशा की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। वर्तमान में यह स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। नागपंचमी के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जिसके चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजन के लिए पहुंचते हैं।
विधायक ने मांग की कि आस्था और पुरातात्विक संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए नागपंचमी के दिन सीमित समय के लिए मंदिर को श्रद्धालुओं के पूजन-अर्चन हेतु खोला जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ASI की निगरानी में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा सकता है। साथ ही जिला प्रशासन और ASI के माध्यम से सुरक्षा तथा स्मारक के संरक्षण की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं।
ऐतिहासिक स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग
विधायक टंडन ने विजय मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप और वर्तमान पहचान को लेकर लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं का स्थायी समाधान निकालने की भी मांग की। उन्होंने उपलब्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक अभिलेखों की विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया।
मांग पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना की अनुमति देने के साथ ही भविष्य के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर दोनों का सम्मान सुनिश्चित हो सके।
विधायक ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय और मध्यप्रदेश शासन का संस्कृति विभाग इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ पहल करेगा और विदिशा की धार्मिक आस्था एवं ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप सकारात्मक एवं स्थायी समाधान निकालेगा।
