बेतवा उत्थान समिति के सदस्यों ने संभाला मोर्चा, गणेश प्रतिमाओं के अवशेष हटाकर घाट किए साफ
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद जीवनदायिनी बेतवा नदी के घाटों की स्वच्छता को लेकर बेतवा उत्थान समिति के सदस्यों ने सफाई अभियान चलाया। समिति के सदस्यों ने घाटों पर पड़े गणेश प्रतिमाओं के अवशेष एवं अन्य पूजन सामग्री को हटाकर घाटों की साफ-सफाई की। यह पहल ऐसे समय की गई, जब पितृपक्ष प्रारंभ हो चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी के घाटों पर तर्पण के लिए पहुंच रहे हैं।
समिति के सचिव राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि गणेश विसर्जन के बाद घाटों पर प्रतिमाओं के अवशेष और पूजन सामग्री पड़ी रहने से तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती थी। साथ ही श्रद्धालुओं के पैरों के नीचे गणेश प्रतिमा के अवशेष आने से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए समिति के सदस्यों ने सुबह से ही घाटों की सफाई शुरू कर दी।
आस्था के साथ स्वच्छता का संदेश
बेतवा उत्थान समिति की इस पहल का उद्देश्य केवल घाटों को स्वच्छ रखना ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और नदी की स्वच्छता दोनों को बनाए रखना है। समिति के सदस्यों ने गणेश प्रतिमाओं के अवशेषों को सम्मानपूर्वक घाटों से हटाया, ताकि पितृपक्ष के दौरान तर्पण के लिए आने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
गौरतलब है कि बेतवा नदी विदिशा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी के घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की स्वच्छता बनाए रखना सामाजिक जिम्मेदारी भी है। गणेश विसर्जन के तुरंत बाद समिति द्वारा चलाया गया सफाई अभियान इसी जिम्मेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
समिति के संरक्षक अतुल रतनसी शाह ने कहा कि धार्मिक आयोजन आस्था के साथ-साथ प्रकृति और नदी संरक्षण की जिम्मेदारी का भी संदेश देते हैं। बेतवा के घाट स्वच्छ रहें और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे, इसी उद्देश्य से सफाई अभियान चलाया गया।
इस दौरान समिति के संचालक एडवोकेट संजय प्रधान, एडवोकेट जितेंद्र दुबे, डॉ. राधेश्याम विश्वकर्मा, रघुवीर राठौर, विनय जैन, कार्तिक सेनी, बद्री साहू, संतोष विश्वकर्मा, मनोज अहिरवार सहित बड़ी संख्या में बेतवा उत्थान समिति के नियमित श्रमदानी मौजूद रहे।

