आपराधिक मामलों में संलिप्त लोगों को मंडी कार्यों से पृथक रखने के निर्देश, पात्र श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड और बीमा कराने पर भी जोर
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
विदिशा। जिले की कृषि उपज मंडियों में कार्यरत हम्मालों, तुलावटों और अन्य श्रमिकों की सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में जिले की सभी कृषि उपज मंडियों के सचिवों को मंडियों में कार्यरत श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि मंडियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मंडी परिसर में काम करने वाले हम्मालों, तुलावटों और अन्य श्रमिकों की पहचान तथा उनकी पृष्ठभूमि का सत्यापन जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक श्रमिक का पुलिस द्वारा विधिवत सत्यापन कराया जाए। आपराधिक प्रकरणों में संलिप्त अथवा आपराधिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों को मंडी से संबंधित कार्यों से पृथक रखा जाए।

पात्र हम्मालों-तुलावटों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड
बैठक में कलेक्टर ने हम्मालों और तुलावटों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में कार्यरत सभी पात्र श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। जिन श्रमिकों के कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके लिए संबंधित अधिकारी और मंडी सचिव समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने कहा कि श्रमिकों को आयुष्मान योजना के लाभों की जानकारी भी दी जाए, ताकि जरूरत के समय वे शासन की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ उठा सकें।
कम प्रीमियम वाली बीमा योजनाओं से भी जोड़ेंगे
हम्मालों और तुलावटों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने के लिए उन्हें शासन द्वारा निर्धारित कम प्रीमियम वाली बीमा योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंडी सचिवों से कहा गया है कि पात्र श्रमिकों को उपलब्ध बीमा योजनाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
कलेक्टर ने मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि श्रमिकों को स्वास्थ्य बीमा के साथ अन्य पात्र कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए तथा निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित कर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

