अनाधिकृत मुरम-कोपरा खुदाई से बना तालाब बना काल, 9 साल की कनिष्का की डूबने से मौत
गुड्डू किरार ✍️ मो- 9589362100
पहले ही जताई थी हादसे की आशंका, अब जिलेभर में ऐसे दर्जनों गड्ढे और जलभराव वाले स्थान बने चिंता का कारण
विदिशा। खेतों में मुरम-कोपरा के नाम पर अनाधिकृत रूप से की जा रही खुदाई किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, इसका दर्दनाक उदाहरण सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम कटसारा में सामने आया है। खुदाई से बने गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरने के बाद बने तालाब में डूबने से 9 वर्षीय मासूम वैष्णवी उर्फ कनिष्का की मौत हो गई। हादसे के बाद एक बार फिर खेतों में बेखौफ तरीके से की जा रही खुदाई और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले ही खबर में जताई थी हादसे की आशंका
खेतों में बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के छोड़े गए गहरे गड्ढों और उनमें भरे बारिश के पानी को लेकर पूर्व में ही खबर प्रकाशित कर संभावित हादसे की आशंका जताई गई थी। सवाल यह है कि जब खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया जा चुका था, तो जिम्मेदारों ने इन स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित क्यों नहीं कराए?
कटसारा में हुई घटना ने इस आशंका को हकीकत में बदल दिया। खेलते समय पैर फिसलने से कनिष्का पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। बच्चों ने परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों और परिजनों ने तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में होमगार्ड के गोताखोरों ने शाम को बालिका का शव बाहर निकाला।
जिलेभर में ऐसे कई ‘मौत के गड्ढे’
यह घटना केवल एक गांव तक सीमित सवाल नहीं है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खेतों और अन्य स्थानों पर मुरम-कोपरा के लिए की गई खुदाई के बाद गहरे गड्ढे मौजूद हैं। बारिश के मौसम में इनमें पानी भर जाने के बाद ये स्थान बच्चों और ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं।
कई जगहों पर न तो गड्ढों के आसपास चेतावनी बोर्ड हैं और न ही तारबंदी अथवा अन्य सुरक्षा व्यवस्था। ऐसे में सवाल उठता है कि किसकी अनुमति से खुदाई हुई, खुदाई के बाद गड्ढों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी किसकी है और हादसा होने के बाद जवाबदेही तय कौन करेगा?
एक मौत ने खोल दी व्यवस्था की पोल
कनिष्का की मौत ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं, लेकिन साथ ही प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। यदि समय रहते ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो कनिष्का जैसी एक और मासूम की जान जाने से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब जरूरत है कि प्रशासन जिलेभर में खेतों एवं अन्य स्थानों पर किए गए ऐसे गहरे गड्ढों का सर्वे कराए, अनाधिकृत खुदाई पर कार्रवाई करे और खुले गड्ढों के आसपास तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि एक हादसे के बाद जागने के बजाय हादसा होने से पहले ही खतरे को रोका जा सके।
